केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने अमेरिका स्थित ईसाई मिशनरी संगठन द टिमोथी इनिशिएटिव (TTI) और उसके भारत में पदाधिकारियों के खिलाफ विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (FCRA) के कथित उल्लंघन के मामले में एफआईआर दर्ज की है। सीबीआई के अनुसार, नवंबर 2025 से अप्रैल 2026 के बीच संगठन को कथित तौर पर 92.55 करोड़ रुपये की विदेशी धनराशि प्राप्त हुई। एजेंसी अब इस रकम के स्रोत, लेनदेन और इस्तेमाल की जांच करेगी।


मामले में TTI के भारत संचालन प्रमुख जोनाथन राजन, वित्तीय प्रमुख अजीत वर्गीस मथाई और अन्य अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है। यह मामला प्रवर्तन निदेशालय (ED) से मिली जानकारी के आधार पर दर्ज किया गया है। ED पहले से ही संगठन से जुड़े कथित विदेशी फंड के प्रवाह और उसके इस्तेमाल की जांच कर रहा है।


सीबीआई के मुताबिक, आरोपियों ने कथित तौर पर अमेरिका के ट्रूइस्ट बैंक द्वारा जारी विदेशी डेबिट कार्डों का इस्तेमाल कर देश के अलग-अलग हिस्सों में ATM से विदेशी धनराशि निकाली। ED की जांच में पिछले कुछ वर्षों के दौरान भारत में 1,000 से अधिक ऐसे कार्ड बांटे जाने का दावा किया गया है।


जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि इन विदेशी फंड का इस्तेमाल किन गतिविधियों के लिए किया गया और क्या इसमें FCRA के नियमों का उल्लंघन हुआ। ED ने संगठन की गतिविधियों को लेकर प्रशिक्षण और धार्मिक प्रचार सहित कई आरोप लगाए हैं। एजेंसी ने तलाशी के दौरान संगठन के सर्वर से डेटा कथित तौर पर हटाए जाने की भी बात कही है।
हालांकि, ये सभी आरोप जांच का हिस्सा हैं और मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद सामने आएगा।