बिहार के समस्तीपुर जिले में लीची की खेती करने वाले किसानों के लिए अच्छी खबर है। कृषि विभाग ने लीची की बागवानी को बढ़ावा देने के लिए नई योजना तैयार की है। मिशन फॉर इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट ऑफ हॉर्टिकल्चर (MIDH) के तहत किसानों को प्रति हेक्टेयर अधिकतम 80 हजार रुपये का अनुदान दिया जाएगा।
इस योजना के अंतर्गत समस्तीपुर में 25 हेक्टेयर क्षेत्र में लीची की नई बागवानी का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। प्रति हेक्टेयर इकाई लागत दो लाख रुपये रखी गई है, जिस पर किसानों को 40 प्रतिशत सब्सिडी मिलेगी। अनुदान का भुगतान दो किस्तों में किया जाएगा।
पहली किस्त में किसानों को 48 हजार रुपये मिलेंगे। वित्तीय वर्ष 2026-27 में पौधरोपण के बाद प्रखंड उद्यान पदाधिकारी खेत का सत्यापन करेंगे। इसके बाद पात्र किसानों को पहली किस्त जारी की जाएगी। शेष 32 हजार रुपये वित्तीय वर्ष 2027-28 में दिए जाएंगे। इसके लिए कम से कम 80 प्रतिशत पौधों का जीवित रहना जरूरी होगा।
योजना को क्लस्टर आधारित तरीके से लागू किया जाएगा। एक ग्राम पंचायत में अधिकतम 25 हेक्टेयर क्षेत्र को एक क्लस्टर बनाया जा सकेगा। वैज्ञानिक बागवानी के लिए पौधों के बीच 4.5 मीटर की दूरी निर्धारित की गई है। इस आधार पर एक हेक्टेयर में लगभग 494 पौधे लगाए जाएंगे।
जिला कृषि पदाधिकारी डॉ. सुमित सौरभ के अनुसार, योजना का उद्देश्य लीची की खेती का क्षेत्रफल बढ़ाना और किसानों को वैज्ञानिक बागवानी के लिए प्रोत्साहित करना है।


