दिग्गज कन्नड़ अभिनेता अनंत नाग को 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में दादासाहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया गया। गुजरात के एकता नगर में आयोजित समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें यह सम्मान प्रदान किया। यह पुरस्कार उनके पांच दशक से अधिक लंबे फिल्मी सफर में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
पुरस्कार ग्रहण करने के बाद अनंत नाग ने अपने भाषण में अपने जीवन और करियर से जुड़े अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा, “यह महान देश मेरी जन्मभूमि है, कर्नाटक मेरी कर्मभूमि है और भारत मेरी धर्मभूमि है।” उन्होंने अपने इस सम्मान को उन सभी सहयोगियों और लाखों दर्शकों को समर्पित किया, जिन्होंने उनके किरदारों को पसंद किया।
अनंत नाग ने बताया कि उनके करियर की शुरुआत 12 साल की उम्र में मुंबई जाने और रंगमंच से हुई थी। करीब पांच वर्षों में उन्होंने लगभग 50 नाटकों में काम किया, जिसे उन्होंने अपना प्रशिक्षण काल बताया। इसके बाद उन्होंने कन्नड़ और हिंदी फिल्मों में काम किया और श्याम बेनेगल सहित कई फिल्मकारों के साथ जुड़े।
अभिनेता ने कहा कि हिंदी फिल्मों में काम करने के बाद उन्होंने कर्नाटक लौटने का फैसला किया, जहां उन्हें अभिनय के अधिक अवसर मिले। उन्होंने कन्नड़ के अलावा हिंदी, तेलुगु, तमिल, मलयालम और मराठी फिल्मों में भी काम किया है।
अनंत नाग को दादासाहेब फाल्के पुरस्कार की घोषणा 16 सितंबर को की गई थी। 78 वर्षीय अभिनेता ने 300 से अधिक फिल्मों में अभिनय किया है और ‘मालगुडी डेज’ में अपने काम के लिए भी जाने जाते हैं।