विदेश मंत्री एस. जयशंकर 26 सितंबर को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र को संबोधित करेंगे। वह आम बहस के दौरान भारत का पक्ष रखेंगे। जयशंकर के इस दौरे के दौरान कई देशों के प्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ द्विपक्षीय बैठकों का कार्यक्रम भी है। ऐसे में भारत की विदेश नीति से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।


इस बार जयशंकर के संबोधन और बैठकों पर भारत-अमेरिका संबंधों को लेकर भी नजर रहेगी। अमेरिका की ओर से लगाए गए टैरिफ और व्यापार से जुड़े मुद्दे दोनों देशों के बीच चर्चा का अहम हिस्सा हो सकते हैं। भारत अपनी आर्थिक प्राथमिकताओं और व्यापारिक हितों के साथ ऊर्जा सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को भी अंतरराष्ट्रीय मंचों पर प्रमुखता से उठाता रहा है।


रूस से भारत की ऊर्जा खरीद भी इस दौरान चर्चा का विषय बन सकती है। अमेरिका की ओर से रूसी ऊर्जा खरीद को लेकर सख्त रुख अपनाए जाने के बीच भारत के लिए ऊर्जा आपूर्ति और कीमतों का मुद्दा महत्वपूर्ण है। ऐसे में जयशंकर विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों के साथ होने वाली बैठकों में भारत के हितों और प्राथमिकताओं पर बातचीत कर सकते हैं।


संयुक्त राष्ट्र महासभा का 81वां सत्र ऐसे समय हो रहा है जब दुनिया कई भू-राजनीतिक और आर्थिक चुनौतियों से गुजर रही है। भारत की ओर से वैश्विक सहयोग, ऊर्जा सुरक्षा, व्यापार और अंतरराष्ट्रीय संबंधों से जुड़े मुद्दों पर अपना पक्ष रखा जा सकता है। जयशंकर का 26 सितंबर का संबोधन इन मुद्दों पर भारत की स्थिति को सामने रखने का महत्वपूर्ण अवसर होगा।