उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को गोरखपुर में रामभक्तों से एकजुट रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि कुछ लोग रामायण के कालनेमि राक्षस की तरह भ्रम फैलाने की कोशिश करेंगे। ऐसे लोगों से सावधान रहने की जरूरत है। मुख्यमंत्री ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का उल्लेख करते हुए सनातन धर्म की एकता पर जोर दिया।
योगी आदित्यनाथ गोरखनाथ मंदिर में ब्रह्मलीन महंत दिग्विजय नाथ की 57वीं पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने राम जन्मभूमि आंदोलन में महंत दिग्विजय नाथ के योगदान को याद किया और उनके विचारों पर चर्चा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महंत दिग्विजय नाथ का मानना था कि भारत की आजादी केवल राजनीतिक स्वतंत्रता तक सीमित नहीं होनी चाहिए। देश की सांस्कृतिक स्वतंत्रता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने इसी संदर्भ में सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण और अयोध्या में राम मंदिर आंदोलन का जिक्र किया।
योगी ने वर्ष 1949 में अयोध्या में रामलला की मूर्तियों के प्रकट होने की घटना का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उस समय महंत दिग्विजय नाथ, बाबा अभिराम दास और महंत रामचंद्र दास परमहंस सहित कई लोग मौजूद थे।
रामायण के कालनेमि प्रसंग का उदाहरण देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस तरह कालनेमि ने हनुमान को भ्रमित करने का प्रयास किया था, उसी तरह आज भी कुछ लोग भ्रम पैदा कर सकते हैं। उन्होंने देश के 140 करोड़ नागरिकों से एकजुट होकर भारत की प्रगति में योगदान देने की अपील की।


