ईरान ने अमेरिका के साथ युद्ध समाप्त करने के लिए बातचीत फिर शुरू करने की इच्छा जताई है। ईरान के सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहसेन रेजाई के अनुसार, तेहरान ने मध्यस्थ देश कतर के जरिए अपनी शर्तें अमेरिका तक पहुंचाई हैं और अब वह राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के जवाब का इंतजार कर रहा है।
रेजाई ने बताया कि ईरान की प्रमुख मांगों में सभी मोर्चों पर युद्ध रोकना, विदेशों में जमा ईरानी धन को जारी करना और अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी समाप्त करना शामिल है। उन्होंने कहा कि ईरान बातचीत के जरिए संघर्ष खत्म करने की दिशा में काम कर रहा है, लेकिन अमेरिका की ओर से नया हमला होने की स्थिति में तेहरान निर्णायक युद्ध के लिए भी तैयार है।
ईरानी अधिकारी ने यह भी चेतावनी दी कि यदि अमेरिका दोबारा हमला करता है तो ईरान क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों के साथ अमेरिकी वाणिज्यिक हितों और कंपनियों को भी निशाना बना सकता है। हालांकि, ये चेतावनियां ईरानी अधिकारी के बयान पर आधारित हैं और इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
कतर और पाकिस्तान दोनों पक्षों के बीच बातचीत दोबारा शुरू कराने के लिए मध्यस्थता कर रहे हैं। रेजाई के मुताबिक, ईरान परमाणु कार्यक्रम को लेकर भी अपने मौजूदा रुख पर कायम है और उसने परमाणु अप्रसार संधि से बाहर निकलने का फैसला नहीं किया है। हालांकि, उन्होंने कहा कि आगे की परिस्थितियां ईरान के फैसले को प्रभावित कर सकती हैं।
इस घटनाक्रम से संकेत मिलता है कि ईरान एक ओर कूटनीतिक रास्ते से युद्ध समाप्त करने की कोशिश कर रहा है, जबकि दूसरी ओर संभावित सैन्य कार्रवाई के लिए अपनी तैयारी जारी रखने की बात कह रहा है।