दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत विदेश मंत्री एस जयशंकर और उनकी पत्नी क्योको एस जयशंकर को चुनाव आयोग की ओर से नोटिस मिला है। उनके रिकॉर्ड को ‘Unmapped with Last SIR’ श्रेणी में रखा गया है। इसका मतलब है कि वर्तमान मतदाता रिकॉर्ड को पिछली SIR के दौरान तैयार की गई सूची से जोड़ा नहीं जा सका।
जयशंकर के अलावा सीबीआई निदेशक प्रवीण सूद, उनकी पत्नी वनिता सूद और मां कमलेश सूद को भी नोटिस मिला है। पूर्व सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी और उनकी पत्नी सुनीता द्विवेदी के नाम भी इसी श्रेणी में शामिल हैं। ये सभी नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र में मतदाता के रूप में दर्ज हैं।
दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और उनके परिवार के सदस्यों को भी अलग-अलग विसंगतियों के आधार पर नोटिस जारी किए गए हैं। वहीं सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश रंजना देसाई के परिवार के सदस्यों के रिकॉर्ड भी सत्यापन के लिए चिह्नित किए गए हैं।
चुनाव अधिकारियों के अनुसार, नोटिस जारी होने का अर्थ यह नहीं है कि मतदाता का नाम तुरंत मतदाता सूची से हटा दिया जाएगा। संबंधित मतदाताओं को जवाब और आवश्यक दस्तावेज देने का अवसर मिलेगा। इसके बाद निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी रिकॉर्ड और दस्तावेजों की जांच कर आदेश जारी करेगा।
SIR प्रक्रिया के तहत नोटिसों के निपटारे की प्रक्रिया 29 अक्टूबर तक पूरी होने की उम्मीद है, जबकि अंतिम मतदाता सूची 4 नवंबर को प्रकाशित की जानी है।v