उत्तरी अरब सागर में भारतीय नौसेना के एक कोलकाता श्रेणी के विध्वंसक और पाकिस्तानी नौसेना के पोत पीएनएस हुनैंन के बीच हुई टक्कर को लेकर सवाल उठ रहे हैं। भारतीय अधिकारियों के अनुसार, पाकिस्तानी पोत ने अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में गैर-पेशेवर और असुरक्षित तरीके से पैंतरेबाजी की, जिसके बाद दोनों जहाजों के बीच टक्कर हुई। घटना के बाद पीएनएस हुनैंन क्षतिग्रस्त होकर बंदरगाह की ओर लौट गया, जबकि भारतीय युद्धपोत ने अपना निगरानी मिशन जारी रखा।


रक्षा विशेषज्ञ संदीप उन्नीथन ने इस घटना को दुर्घटना मानने पर सवाल उठाया और इसे समुद्री दबाव बनाने की रणनीति से जोड़ा। उन्होंने दक्षिण चीन सागर और पूर्वी चीन सागर में चीन से जुड़ी ऐसी घटनाओं का उदाहरण दिया, जहां जहाजों के रास्ते काटने या नजदीक आने जैसी रणनीतियों का इस्तेमाल होने की बात कही जाती है। हालांकि, यह विशेषज्ञ का आकलन है और घटना के इरादे को लेकर स्वतंत्र जांच का निष्कर्ष अलग हो सकता है।


इस घटना में दोनों जहाजों के आकार में भी बड़ा अंतर बताया गया है। कोलकाता श्रेणी का विध्वंसक 7,000 टन से अधिक का है, जबकि पीएनएस हुनैंन करीब 2,600 टन का अपतटीय गश्ती पोत है।


भारत और पाकिस्तान के बीच 1991 के समझौते में अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में नौसैनिक जहाजों और पनडुब्बियों को एक-दूसरे से कम से कम तीन समुद्री मील की दूरी बनाए रखने का प्रावधान है। भारत ने घटना को इस प्रावधान का उल्लंघन बताते हुए पाकिस्तान के राजनयिक प्रतिनिधि को तलब किया है।