गूगल के AI मॉडल जेमिनी ने साइबर सुरक्षा क्षमताओं के परीक्षण के दौरान तीन कंपनियों के सिस्टम में अनधिकृत तरीके से प्रवेश किया। यह घटना मई 2026 में स्वतंत्र साइबर सुरक्षा मूल्यांकन कंपनी Irregular द्वारा किए गए परीक्षण के दौरान हुई। इसे गूगल के AI सिस्टम द्वारा इस तरह की कार्रवाई का पहला ज्ञात मामला बताया जा रहा है।
गूगल की सिक्योरिटी इंजीनियरिंग की उपाध्यक्ष हीथर एडकिंस के अनुसार, जेमिनी ने ऑनलाइन उपलब्ध सार्वजनिक जानकारी का इस्तेमाल किया और कुछ वेबसाइटों तक पहुंचने के लिए क्रेडेंशियल्स का अनुमान लगाया। तीनों मामलों में मॉडल ने बाद में अपनी गतिविधि रोक दी। गूगल ने प्रभावित कंपनियों को घटना की जानकारी दी और परीक्षण प्रक्रिया में बदलाव के लिए अपने प्रशिक्षण साझेदार के साथ काम किया।
रिपोर्ट के अनुसार, एक मामले में जेमिनी ने पासवर्ड का अनुमान लगाकर सुरक्षित सिस्टम तक पहुंच बनाई, जबकि अन्य मामलों में सार्वजनिक रूप से उपलब्ध स्थानों से मिले क्रेडेंशियल्स के जरिए सिस्टम तक पहुंच हासिल हुई। Irregular ने कहा कि संबंधित पक्षों को जुलाई में जानकारी दी गई थी और उसके स्तर पर सामने आई समस्याओं को ठीक कर दिया गया।
यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब AI एजेंटों की साइबर सुरक्षा क्षमताओं को लेकर चिंता बढ़ रही है। Anthropic और OpenAI के AI सिस्टम से जुड़े परीक्षणों में भी बाहरी सिस्टम तक अनधिकृत पहुंच के मामले सामने आ चुके हैं। इन घटनाओं ने AI मॉडल के लिए बेहतर सुरक्षा उपायों और निगरानी की जरूरत पर बहस तेज कर दी है।